भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 179 और का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया

  1. यथास्थिति, अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनेगी । जाना— सभा के या के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य—
  2. (क) यदि विधान सभा का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पद रिक्त कर अध्यक्ष उपाध्यक्ष देगा; सवा जाना--विधान अध्यक्ष उपाध्यक्ष (ख) किसी भी समय, यदि वह सदस्य है तो को संबोधित और यदि वह सदस्य है तो को संबोधित अपने सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा; और
  3. (ग) विधान सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित अध्यक्ष उपाध्यक्ष संकल्प दूवारा अपने पद से हटाया जा सकेगा: उपाध्यक्ष अध्यक्ष परंत तु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया हस्ताक्षर जाएगा जबे तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो: परंत तु यह और कि जब कभी विधान सभा का विघटन किया जाता है तो विघटन के पश्चात ् होने वाले विधान सभा के प्रथम अधिवेशन के ठीक पहले तक अपने पद को रिक्त नहीं करे गा ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से जुड़ा है। सदस्यता छोड़ने पर दोनों पद खाली हो जाते हैं। अध्यक्ष उपाध्यक्ष के नाम लिखकर इस्तीफा देता है। उपाध्यक्ष अध्यक्ष के नाम। चौदह दिन की सूचना के बाद सभा के प्रस्ताव से, सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से, किसी को हटाया जा सकता है।

Article 179 in English