भाग 6 · राज्य
अनुच्छेद 230 उच्च न्यायालयों की अधिकारिता का संघ पर विस्तार
- (1) अधिकारियों भत्ते संसद्, द्वारा, किसी संघ राज्यक्षेत्र पर किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार कर सकेगी या किसी संघ राज्यक्षेत्र से किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का अपवर्जन कर सकेगी ।
- (2) जहां किसी राज्य का उच्च न्यायालय किसी संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में राज्यक्षेत्रों अधिकारिता का प्रयोग करता है, वहां— संसद, विधि (क) इस संविधान की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह उस राज्य के विधान-मंडल को उस अधिकारिता में व उसका या उत्सादन करने के लिए सशक्त करती है; और
- (ख) उस राज्यक्षेत्र में अधीनस्थ न्यायालयों के लिए किन्हीं नियमों, प्ररूपों भ. संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 42 दूवारा (1-2-1977 से) अंतःस्थापित । । वृद्धि, निर्बंधन न्यायालय का मुख्य स्थान है,” शब्दों का लोप किया गया । के स्थान पर प्रतिस्थापित । । संविधान “जिसमें संविधान या सारणियों के संबंध में, अन॒च्छेद द 227 में राज्यपाल के प्रति निर्देश श का, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह राष्ट्रपति के प्रति श है । निर्देश
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद उच्च न्यायालय की पहुंच संघ राज्यक्षेत्रों तक बढ़ाता है। संसद कानून से किसी उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र तक फैला सकती है। वह उसे वापस भी ले सकती है। छोटे क्षेत्र पास की अदालत पर चलते हैं। यह संबंध पुदुचेरी जैसे क्षेत्रों को ढकता है।