भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 211 विधान-मंडल में चर्चा चचार् पर निर्बंधन

  1. उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश के अपने कर्तव्यों के निर्वहन मैं किए गए, आचरण के विषय में राज्य के विधान-मंडलर में कोई चर्चा चचार् नहीं होगी । न्यायाल्रयों

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य विधान-मंडल में न्यायाधीशों पर बहस पर रोक लगाता है। सर्वोच्च या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के कर्तव्य निर्वहन पर चर्चा नहीं हो सकती। एक रास्ता खुला है। उस न्यायाधीश को हटाने के लिए राष्ट्रपति को अभिभाषण का प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

Article 211 in English