भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 202 वार्षिक वित्तीय विवरण

  1. (1) राज्यपाल प्रत्येक वर्ष के संबंध मैं राज्य के के सदन या सदनों के उस राज्य की उस वर्ष के लिए वार्षिक वित्तीय वित्तीय प्राक्कलित प्राप्तियों और व्यय का विवरण रखवाएगा जिसे इस भाग में विधान-मंडत्र समक्ष विवरण” कहा गया है । “वार्षिक वित्तीय (2) हुए व्यय के प्राक्कलनों में--
  2. (क) इस संविधान मैं राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय के रूप में व्यय की तर् के लिए राशियां; और वार्षिक वित्तीय विवरण में दिए (ख) राज्य की संचित निधि में से किए जाने के लिए प्रस्थापित अन्य व्यय की तर् के लिए राशियां, प -प जाएंगी और राजस्व लेखे होने वाले व्यय का अन्य व्यय से भेद वर्णित पूर्ति अपेक्षित किया जाएगा ।
  3. (3) व्यय प्रत्येक राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय होगा, अथार्त ्:— पूर्ति अपेक्षित (क) राज्यपाल की उपलब्धियां और तथा उसके पद से संबंधित अन्य व्यय; पृथक्-पृथक् दिखाई (ख) विधान सभा के और के तथा विधान परिषद् वाले राज्य की दशा मैं विधान परिषद् के सभापति और उपसभापति के भी वेतन और निम्नलिखित (ग) ऐसे ऋण भार जिनका दायित्व राज्य पर है, जिनके अंतर्गत ब्याज, अर्थात्:-- निधि भार और मोचन भार तथा उधार लेने और ऋण सेवा और ऋण मोचन से संबंधित अन्य व्यय हैं; भत्ते (घ) किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतनों और के संबंध में व्यय
  4. (ड) किसी न्यायालय या माध्यस्थम ् के निर्णय, डिक्री या पंचाट अध्यक्ष उपाध्यक्ष की तुष्टि के लिए राशियां
  5. (च) कोई अन्य व्यय जो इस संविधान द्वारा या राज्य के विधान-मंडल भत्ते; द्वारा, द्वारा, इस प्रकार भारित घोषित किया जाता है ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद संवैधानिक भाषा में राज्य का बजट बनाता है। राज्यपाल वार्षिक वित्तीय विवरण विधान-मंडल के सामने रखवाते हैं। इसमें उस वर्ष राज्य की अनुमानित प्राप्तियां और व्यय आते हैं। राज्य की संचित निधि पर अधिरोपित व्यय अलग दिखाया जाता है। यही विवरण राज्य का अपना बजट है।

Article 202 in English