भाग 6 · राज्य
अनुच्छेद 207 वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध— अनच्छेद (1) अनुच्छे द 199 के खंड (1) के
- उपखंड (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय के लिए उपबंध करने वाला विधेयक या संशोधन राज्यपाल की सिफारिश से ही परःस्थापित या प्रस्तावित किया जाएगा, अन्यथा नहीं और ऐसा उपबंध करने वालो विधेयक विधान परिषद में पुरमस्थापित नहीं किया जाएगा: परंत तु कर के घटाने या उत्सादन के लिए उपबंध करने वाले किसी संशोधन किसी के प्रस्ताव के लिए इस खंड के अधीन सिफारिश की नहीं होगी । अपेक्षा (2) कोई विधेयक या संशोधन उक्त विषयों में से किसी विषय के लिए उपबंध करने वाला केवल इस कारण नहीं समझा जाएगा कि वह या अन्य धनीय के अधिरोपण का अथवा के लिए फीसों की या की गई सेवाओं के जुर्मानों लिए फीसों की मांग का या उनके संदाय का उपबंध करता है अथवा इस कारण नहीं शास्तियों अनज्ञप्तियों समझा जाएगा कि वह किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय द्वारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, या विनियमन का उपबंध करता है । परिवर्तन (3) को और किए जाने पर राज्य की संचित निधि में से व्यय करना पड़ेगा वह विधेयक राज्य के विधान-मंडल के किसी सदन द्वारा तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे विधेयक पर विचार करने के लिए उस जिस विधेयक अधिनियमित प्रवर्तित सदन से राज्यपाल ने सिफारिश नहीं की है । साधारणतया प्रक्रिया
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राज्य के वित्तीय विधेयकों को विशेष व्यवहार देता है। कुछ विधेयक पेश करने के लिए राज्यपाल की सिफारिश चाहिए। ये अनुच्छेद 199 के विषयों से जुड़े विधेयक और संशोधन हैं। ऐसा भार डालने वाला विधेयक परिषद में पेश नहीं हो सकता। राज्य की संचित निधि से व्यय वाला विधेयक भी सदन के पारित करने से पहले राज्यपाल की सिफारिश मांगता है।