भाग 6 · राज्य

अनुच्छेद 183 और उपसभापति का पद रिक्त होना, पदत्याग और पद से हटाया

  1. जाना— विधान परिषद् के सभापति या उपसभापति के रूप में पद धारण करने वाला सभापति सदस्य—
  2. (क) यदि विधान परिषद् का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पद रिक्त कर देगा; गा
  3. (ख) किसी भी समय, यदि वह सदस्य सभापति है तो उपसभापति को संबोधित और यदि वह सदस्य उपसभापति है तो सभापति को संबोधित अपने सहित लेख दूवारा अपना पद त्याग सकेगा; और
  4. (ग) विधान परिषद् के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा: परंतु तु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया हस्ताक्षर जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद परिषद के सभापति और उपसभापति से जुड़ा है। सदस्यता छोड़ने पर दोनों पद खाली हो जाते हैं। सभापति उपसभापति के नाम लिखकर इस्तीफा देता है। उपसभापति सभापति के नाम। चौदह दिन की सूचना के बाद परिषद के प्रस्ताव से, सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से, किसी को हटाया जा सकता है।

Article 183 in English