भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 109 धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया

  1. (1) धन विधेयक राज्य सभा में परु जाएगा । सूचना पुरमस्थापित नहीं किया (2) धन विधेयक लोक सभा दूवारा पारित किए जाने के पश्चात ् राज्य सभा को उसकी सिफारिशों के लिए पारेषित पारे किया जाएगा और राज्य सभा विधेयक की प्राप्ति की तारीख से चौदह दिन की अवधि के भीतर विधेयक को अपनी सिफारिशों सहित लोक सभा को लौटा देगी गी और ऐसा होने पर लोक सभा, राज्य सभा की सभी या किनन्‍्हीं सिफारिशों को स्वीकर या अस्वीकार कर सकेगी ।
  2. (3) लोक सभा, राज्य सभा की किसी सिफारिश को स्वीकार कर लेती है तो यदि धन विधेयक राज्य सभा दूवारा सिफारिश किए गए और लोक सभा द्वारा स्वीकार किए गए संशोधनों सहित दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया समझा जाएगा ।
  3. (4) लोक सभा, राज्य सभा की किसी भी सिफारिश को स्वीकार नहीं करती है तो धन विधेयक, राज्य सभा दूवारा सिफारिश किए गए किसी संशोधन के बिना, दोनों यदि सदनों दूवारा उस रूप में पारित किया गया समझा जाएगा वह लोक सभा द्वारा पारित किया गया था । जिसमें (5) लोक सभा द्वारा पारित और राज्य सभा को उसकी के लिए पारे धन विधेयक उक्त चौदह दिन की अवधि के भीतर लोक सभा को नहीं लौटाया यदि सिफारिशों जाता है तो उक्त अवधि की समाप्ति पर वह दोनों सदनों द्वारा, उस रूप में पारित पारेषित किया गया समझा जाएगा वह लोक सभा द्वारा पारित किया गया था । जिसमें

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद धन विधेयकों पर लोक सभा को एकछत्र नियंत्रण देता है। धन विधेयक राज्य सभा में पेश नहीं हो सकता। लोक सभा के पारित करने पर राज्य सभा के पास चौदह दिन हैं। परिषद उसे सिफारिशों के साथ लौटाती है। लोक सभा सिफारिशें मान या अमान सकती है। परिषद चौदह दिन में विधेयक न लौटाए, तो वह दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है।

Article 109 in English