भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 72 की और कुछ मामलों में दं डादे श के निलंबन, परिहार या
- की शिक्त—
- (1) को, किसी अपराध के लिए सिद्धदोष राष्ट्रपति निर्वाचन लघक निर्वाचित निर्वाचकगण ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंड को उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की अथवा दं डादे श के निलंबन, परिहार या लघुकरण (क)
- (क) उन सभी मामलों में, दंड ड या दं डादे श सेना न्यायालय ने दिया क्षमा आदि दंडादेश है; लघुकरण राष्ट्रपति की शक्ति-- राष्ट्रपति क्षमा, दंडादेश की-- जिनमें दंडादेश तत्पश्चात ् संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 10 द्वारा (20-6-1979 से) प्रतिस्थापित । । संविधान (उनतालीसवां संविधान (चवालबीसवां (भाग 5— संघ) जिनमें दंडादेश (ख) उन सभी मामलों में, दंड ड या दं डादे श ऐसे विषय संबंधी किसी विधि के विरुदूध अपराध के लिए दिया गया है जिस विषय तक संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है
- (ग) उन सभी मामलों में, जिनमें दंडादेश, दं मृत्यु डादे दंडादेश श, यु दं डादे श है, शक्ति होगी ।
- (2) खंड (1) के उपखंड (क) की कोई बात संघ के सशस्त्र बलों के किसी आफिसर की सेना न्यायालय द्वारा पारित दं डादे श के निलंबन, परिहार या लघुकरण की विधि दूवारा शक्ति पर प्रभाव नहीं डालेगी । दंडादेश (3) खंड (1) के उपखंड (ग) की कोई बात तत्समय प्रव के अधीन प्रदत्त किसी राज्य के राज्यपाल 1*** द्वारा प्रयोक्तव्य म दं डादे श के निलंबन, परिहार या लघुकरण की शक्ति पर प्रभाव नहीं डालेगी । प्रवृत्त किसी विधि
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को दया की शक्ति देता है। राष्ट्रपति क्षमादान, दंडविराम, अवकाश या दंड में कमी कर सकता है। वह दंड को स्थगित, माफ या कम भी कर सकता है। इसमें सैन्य न्यायालय के मामले, संघ सूची के कानूनों के अपराध और मृत्युदंड आते हैं। मृत्युदंड पर राज्यपाल की शक्ति अबाधित रहती है। न्याय व्यवस्था में राहत का यह आखिरी दरवाजा है।