भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 65 के पद में आकस्मिक रिक्ति के दौरान या उसकी अनुपस्थिति में

  1. उपराष्ट्रपति का राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना या उसके कृत्यों का निर्वहन-- राष्ट्रपति (1) की मृत्यु, यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य कारण से उसके पद में हुई रिक्ति की दशा में उपराष्ट्रपति उस तारीख तक राष्ट्रपति के रूप मैं कार्य करेगा जिस गा तारीख को ऐसी रिक्ति को भरने के लिए इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार निर्वाचित नया राष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करता है ।
  2. (2) जब राष्ट्रपति अनुपस्थिति, बीमारी या अन्य किसी कारण से अपने कृत्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है तब उपराष्ट्रपति उस तारीख तक उसके कृत्यों का निर्वहन करेगा गा को राष्ट्रपति अपने को फिर से संभालता है । जिस तारीख कर्तव्यों (3) को उस अवधि के दौरान और उस अवधि के संबंध मैं, जब वह राष्ट्रपति के रूप में इस प्रकार कार्य कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है, उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति की सभी शक्तियां और उन्मुक्तियां होंगी तथा वह ऐसी और विशेषाधिकारों का जो संसद, विधि दूवारा, अवधारित करे, और जब तक इस इस उपलब्धियों, भत्तों प्रकार उपबंध नहीं किया जाता है तब तक ऐसी और विशेषाधिकारों का, निमित्त जो द अनुसूची में हैं, हकदार होगा । उपलब्धियों, भत्तों

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राष्ट्रपति पद की रिक्तियां संभालता है। मृत्यु, इस्तीफे या हटाए जाने से पद खाली हो सकता है। तब उपराष्ट्रपति नए राष्ट्रपति चुने जाने तक काम संभालता है। अनुपस्थिति, बीमारी या किसी और कारण से राष्ट्रपति काम न कर पाए, तब भी उपराष्ट्रपति कार्य निभाता है, जब तक राष्ट्रपति लौट न आए। ऐसा करते समय उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति की सारी शक्तियां और छूटें मिलती हैं।

Article 65 in English