भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 84 की क सद यता के लिए अरहता

  1. कोई यि त संस के किसी स्थान को संसद्ू सदस्यता व्यक्ति संसद् भरने के लिए चुने ने जाने के लिए अ हत तभी होगा जब— अर्हित 3 भू(क)
  2. (क) वह भारत का नागरिक नाग रक है और निर्वाचन नवाचन आयोग द्वारा इस निमित्त न म त निमित्त प्राधिकृत किसी न व्यक्ति म त धकृ त कसी यि त के समक्ष सम तीसरी अनुसूची अनु में ची म इस प्रयोजन योजन के लिए दिए गए प्ररूप प के अनुसार अनु सार शपथ लेता ता है या प्रतिज्ञान त करता है और उस पर अपने हस्ताक्षर ह ता र करता है;
  3. (ख) वह राज्य रा य सभा में स्थान के लिए कम से कम तीस वर्ष की आयु का और लोक सभा में स्थान के लिए कम से कम पच्चीस प वर्ष चीस की क आयु का है; और
  4. (ग) उसके पास ऐसी अन्य अ आहताएं य हैं अहताएं ह जो संस द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त न विहित म की व हत क जाएं । संविधान अधिनियम, प्रतिस्थापित । त था पत । संविधान (बयालीसवां अधिनियम, प्रतिस्थापित त था पत और सं वधान (चवाल सवां संशोधन) अ ध नयम, 1978 की धारा 13 द्वारा (20-6-1979 से) "छह प्रतिस्थापित । वर्ष" के स्थान पर त था पत । संविधान 3. सं वधान (सोलहवां संशोधन) अधिनियम, अ ध नयम, 1963 की धारा 3 द्वारा (5-10-1963 से) खंड (क) के स्थान पर प्रतिस्थापित । त था पत ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद संसद की सदस्यता की योग्यताएं रखता है। व्यक्ति भारत का नागरिक हो और तीसरी अनुसूची की शपथ ले। राज्य सभा के लिए कम से कम उम्र तीस वर्ष है। लोक सभा के लिए पच्चीस वर्ष। संसद कानून से और योग्यताएं जोड़ सकती है।

Article 84 in English