भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 86 में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्ट्रपति का
- अधिकार-- राष्ट्रपति,
- (1) संसद् के किसी एक सदन में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण कर सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा कर सकेगा ।
- (2) संसद् में उस समय लंबित किसी विधेयक के संबंध मैं संदेश या राष्ट्रपति, कोई अन्य संदेश, संसद् के किसी सदन को भेज सकेगा और जिस सदन को कोई संदेश इस प्रकार भेजा गया है वह सदन उस संदेश द्वारा विचार करने के लिए विषय अपेक्षित पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को संसद से सीधे बात करने का अधिकार देता है। राष्ट्रपति किसी सदन या दोनों सदनों को संबोधित कर सकता है। इसके लिए वह सदस्यों की उपस्थिति मांग सकता है। वह किसी सदन को संदेश भी भेज सकता है, जैसे किसी लंबित विधेयक पर। सदन को ऐसे संदेश पर जल्दी से विचार करना है।