भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 147 निर्वचन

  1. इस अध्याय में और भाग 6 के अध्याय 5 में इस संविधान के निर्वचन के बारे में विधि के किसी सारवान ् प्रश्न के प्रति निर्देशों का यह अर्थ लगाया जाएगा कि उनके अतंर्गत भारत शासन अधिनियम, 1935 के (जिसके अंतर्गत उस अधिनियम की संशोधक या अनुपूरक कोई अधिनियमिति है) अथवा किसी सपरिषद् आदेश श या उसके अधीन बनाए गए किसी आदेश श के अथवा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के या उसके अधीन बनाए गए किसी आदेश श के निर्वचन के बारे में विधि के किसी सारवान ् प्रश्न के प्रति निर्देश हैं । अध्याय 5–भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद एक पठन नियम है। यह इस अध्याय और भाग 6 के अध्याय 5 पर लागू होता है। संविधान के व्याख्या संबंधी वस्तुतः महत्वपूर्ण विधि प्रश्नों में भारत शासन अधिनियम, 1935 और उसके तहत के आदेशों के प्रश्न भी आते हैं। इससे पुराना कानून नए में सहज रूप से पढ़ा जा सकता है।

Article 147 in English