भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 121 संसद् में चचार् पर निर्बन्धन
- उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश के, अपने के निर्वहन में किए गए आचरण के विषय में संसद् मैं कोई चचार् इसमें इसके पश्चात ् से उस न्यायाधीश को हटाने की चर्चा प्रार्थना करने वाले समावेदन को राष्ट्रपति के प्रस्तुत करने के प्रस्ताव पर ही होगी, कर्तव्यों अन्यथा नहीं । । चर्चा उपबंधित रीति
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद न्यायाधीशों पर बहस पर रोक लगाता है। सर्वोच्च या उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश के कर्तव्य निर्वहन पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती। एक रास्ता खुला है। उस न्यायाधीश को हटाने के लिए राष्ट्रपति को अभिभाषण का प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।