भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 91 के पद के का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य
- करने की उपसभापति या अन्य व्यक्ति की शक्ति--
- (1) जब सभापति का पद रिक्त है या ऐसी अवधि में जब उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है, तब उपसभापति या यदि उपसभापति का पद भी रिक्त है तो, राज्य सभा का ऐसा सदस्य जिसको राष्ट्रपति इस प्रयोजन के लिए नियुक्त करे, उस पद के कर्तव्यों का पालन करे गा ।
- (2) राज्य सभा की किसी बैठक से सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति, या यदि वह भी अनुपस्थित है तो ऐसा व्यक्ति, जो राज्य सभा की प्रक्रिया के नियमों द्वारा अवधारित किया जाए, या यदि ऐसा कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं है तो ऐसा अन्य व्यक्ति, जो राज्य सभा द्वारा अवधारित किया जाए, सभापति के रूप में कार्य करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद सभापति की अनुपस्थिति संभालता है। सभापति का पद खाली होने पर उपसभापति कर्तव्य निभाता है। वह पद भी खाली हो, तो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त सदस्य काम संभालता है। बैठक में सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति अध्यक्षता करता है। दोनों अनुपस्थित हों, तो कार्यवाही के नियम कोई व्यक्ति बताते हैं, या परिषद चुन लेती है।