भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 53 संघ की कार्यपालिका शक्ति

  1. (1) संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी और वह इसका प्रयोग इस संविधान के अनसार स्वयं या अपने अधीनस्थ के दूवारा करे गा ।
  2. (2) पूवर्गामी उपबंध की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, संघ के अधिकारियों बलों का समादेश श होगा और उसका प्रयोग विधि द्वारा होगा । पूर्वगामी रक्षा (3) इस अनुच्छेद की कोई बात— सर्वोच्च राष्ट्रपति में निहित (क) किसी विद्यमान विधि द्वारा किसी राज्य की सरकार या अन्य विनियमित प्राधिकारी को प्रदान किए गए कृत्य राष्ट्रपति को अंतरित करने वाली नहीं समझी जाएगी; या (ख) राष्ट्रपति से भिन्न अन्य प्राधिकारियों को विधि द्वारा कृत्य प्रदान करने से संसद् को निवारित नहीं करे गी ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति को देता है। यह शक्ति संविधान के अनुसार, सीधे या राष्ट्रपति के अधीन अधिकारियों द्वारा प्रयोग होती है। रक्षा सेनाओं का सर्वोच्च नियंत्रण भी राष्ट्रपति के पास है, जिसका प्रयोग कानून व्यवस्थित करता है। यह अनुच्छेद राज्यों या अन्य संस्थाओं को विद्यमान कानून से मिले कार्य नहीं छीनता। संसद आगे भी अन्य संस्थाओं को कार्य सौंप सकती है।

Article 53 in English