भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 67 उपराष्ट्रपति की पदावधि
- उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की अवधि तक पद धारण करेगा: गा: परं तु—
- (क) उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति को संबोधित अपने सहित लेख द्वारा परंतु-- अपना पद त्याग सकेगा
- (ख) उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया हस्ताक्षर जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोक सभा सहमत है; तु इस खंड के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो; किंतु (ग) उपराष्ट्रपति, अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी, तब तक पद धारण करता रहेगा जब तक उसका अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद उपराष्ट्रपति की अवधि पांच वर्ष तय करता है। उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के नाम लिखकर इस्तीफा दे सकता है। राज्य सभा के प्रस्ताव से भी हटाया जा सकता है। प्रस्ताव को लोक सभा की सहमति चाहिए। कम से कम चौदह दिन की सूचना जरूरी है, और प्रस्ताव राज्य सभा के सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से पास होना चाहिए।