भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 119 संसद् में कार्य संबंधी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन
- संसद, कार्य को समय के भीतर पूरा करने के प्रयोजन के लिए किसी विषय से संबंधित या भारत की संचित निधि में से धन का विनियोग करने के लिए किसी विधेयक दोनों सदनों की अध्यक्ष से संबंधित, संसद् के प्रत्येक सदन की प्रक्रिया और कार्य संचालन का विनियमन विधि दवारा कर सकेगी तथा यदि और जहां तक इस प्रकार बनाई गई किसी विधि का कोई उपबंध अनच्छेद द 118 के खंड (1) के अधीन संसद् के किसी सदन दूवारा बनाए गए नियम से या उस अनच् छे द के खंड (2) के अधीन संसद् के संबंध में प्रभावी किसी नियम वित्तीय या स्थायी आदेश श से असंगत है तो और वहां तक ऐसा उपबंध अभिभावी होगा । वित्तीय वित्तीय ∗ संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 22 द्वारा (तारीख अधिसूचित नहीं की गई) "(जिसके अन्तर्गत सदन की बैठक का गठन करने के लिए है)" शब्द और कोष्ठक अंतःस्थापित । इस संशोधन का संविधान (चवाबीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 45 द्वारा (20-6-1979 से) लोप कर अनच्छेद दिया गया । संविधान (बयात्रीसवां गणपूर्ति सम्मिलित भारत का संविधान ञ्6
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद संसद को वित्तीय मामलों की समय सीमा तय करने देता है। संसद कानून से हर सदन की कार्यवाही और कार्य संचालन का नियमन कर सकती है। यह वित्तीय मामलों और संचित निधि से विनियोग के विधेयकों पर लागू होता है। मकसद है, वित्तीय काम समय पर पूरा हो।