भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 77 भारत सरकार के कार्य का संचालन— (1) भारत सरकार की समस्त

  1. महान्यायवादी, राष्ट्रपति कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से की हुई कही जाएगी ।
  2. (2) के नाम से किए गए और निष्पादित आदेशों और अन्य लिखतों को ऐसी रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा जो राष्ट्रपति दूवारा बनाए जाने वाले नियमों.' में की सरकारी कार्य जाए और इस प्रकार अधिप्रमाणित आदेश श या लिखत की विधिमान्यता इस राष्ट्रपति आधार पर प्रश्नगत नहीं की जाएगी कि वह राष्ट्रपति दूवारा किया गया या निष्पादित आदेश श या लिखत नहीं है । विनिर्दिष्ट (3) राष्ट्रपति, भारत सरकार का कार्य अधिक वधापवू र्क जाने के लिए और मंत्रियों में उक्त कार्य के आबंटन के लिए नियम बनाएगा । 14 क कं सुविधापूर्वक किए कर न न.. असाधारण, भाग 2, अनुभाग 3(ii), प 1315 । देखिए 2. संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 14 द्वारा (3-1-1977 से) खंड (4) अंतःस्थापित किया पृष्ठ गया था और संविधान (चवाल्सीवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 12 द्वारा (20-6-1979 से) उसका लोप संविधान (बयाललीसवां किया गया । (भाग 5— संघ) आदि

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद भारत सरकार के कामकाज का तरीका तय करता है। कार्यपालिका की हर कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से होती है। राष्ट्रपति के नाम के आदेश और दस्तावेज नियमों के तहत प्रमाणित होते हैं। ठीक से प्रमाणित आदेश इस कारण से नहीं लड़े जा सकते कि वे राष्ट्रपति ने खुद नहीं बनाए। राष्ट्रपति सुविधाजनक कामकाज के नियम बनाता है और मंत्रियों में काम बांटता है। सरकार के यही कार्य नियम हैं।

Article 77 in English