भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 126 कायकार मु की यायमू त क नयु त— जब भारत के मु य यायमू त का
- कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति नियुक्त मुख्य न्यायमूर्ति पद र त है या जब में ख्य यायमू ्ति, अनु पि थ त के कारण या अ यथा अपने पद के रिक्त न्यायमु अन्यथा कत य का पालन करने म असमथ है तब न्यायालय के अ य यायाधीश म से ऐसा कर्तव्यों में असमर्थ अन्य न्यायाधीशों में एक न्यायाधीश, जिसे रा प त इस योजन के लिए नयु त करे, उस पद के कत य राष्ट्रपति प्रयोजन नियुक्त कर्तव्यों का पालन करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद मुख्य न्यायमूर्ति की कुर्सी खाली होने पर काम संभालता है। भारत के मुख्य न्यायमूर्ति का पद खाली हो, तो न्यायालय का कोई दूसरा न्यायाधीश कर्तव्य निभाता है। मुख्य न्यायमूर्ति अनुपस्थित या काम करने में असमर्थ हों, तब भी यही। इसके लिए राष्ट्रपति न्यायाधीश नियुक्त करते हैं। इस व्यवस्था से न्यायालय हमेशा प्रमुख के अधीन रहता है।