भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 135 विद्यमान विधि के अधीन फेडरल न्यायालय की अधिकारिता और

  1. व्यथित पक्षकार दूवारा का उच्चतम न्यायालय दूवारा प्रयोक्तव्य होना— जब तक संसद् विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक उच्चतम न्यायालय को भी किसी ऐसे विषय के संबंध में, जिसको अनच्छेद द 133 या अनच्छेद द 134 के उपबंध लागू नहीं होते हैं, अधिकारिता और शक्तियां शक्तियों होंगी यदि उस विषय के संबंध में इस संविधान के प्रारंभ भ से ठीक पहले किसी विद्यमान विधि के अधीन अधिकारिता और शक्तियां फेडरल न्यायालय द्वारा प्रयोक्तव्य थीं ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद संघीय न्यायालय की शक्तियां आगे बढ़ाता है। संसद जब तक अन्यथा न करे, सर्वोच्च न्यायालय को विद्यमान कानून के तहत संघीय न्यायालय का अधिकार क्षेत्र और शक्तियां मिली हैं। इसमें अनुच्छेद 133 और 134 से न संभले मामले आते हैं। 1950 में सर्वोच्च न्यायालय के संघीय न्यायालय की जगह लेते समय इसने निरंतरता बनाए रखी।

Article 135 in English