भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 117 वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध–(1) अनच्छेद द 110 के खंड (1) के

  1. उपखंड (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय के लिए उपबंध करने वाला विधेयक या संशोधन राष्ट्रपति की सिफारिश से ही पुरःस्थापित परु या प्रस्तावित किया जाएगा, अन्यथा नहीं और ऐसा उपबंध करने वाला विधेयक राज्य सभा में परःस्थापित नहीं किया जाएगा: परन्त किसी कर के घटाने या उत्सादन के लिए उपबंध करने वाले किसी संशोधन के प्रस्ताव के लिए इस खंड के अधीन सिफारिश की अपेक्षा नहीं होगी ।
  2. (2) कोई विधेयक या संशोधन उक्त विषयों में से किसी के लिए उपबंध करने वाला केवल इस कारण नहीं समझा जाएगा कि वह या अन्य धनीय के जुर्मानों शास्तियों अधिरोपण का अथवा के लिए फीसों की या की गई सेवाओं के लिए फीसों अनुज्ञप्तियों की मांग का या उनके संदाय का उपबंध करता है अथवा इस कारण नहीं समझा जाएगा कि वह किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय द्वारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, या विनियमन का उपबंध करता है । परिवर्तन (3) को और किए जाने पर भारत की संचित निधि में से व्यय करना पड़ेगा वह विधेयक संसद् के किसी सदन द्वारा तब तक जिस विधेयक अधिनियमित प्रवर्तित पारित नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे विधेयक पर विचार करने के लिए उस सदन से राष्ट्रपति ने सिफारिश नहीं की है । साधारणतया प्रक्रिया

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद वित्तीय विधेयकों को विशेष व्यवहार देता है। कुछ विधेयक पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश चाहिए। ये अनुच्छेद 110 के विषयों से जुड़े विधेयक और संशोधन हैं। ऐसा भार डालने वाला विधेयक राज्य सभा में पेश नहीं हो सकता। संचित निधि से व्यय वाला कोई भी विधेयक सदन के पारित करने से पहले राष्ट्रपति की सिफारिश मांगता है।

Article 117 in English