भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 110 “धन विधेयक” की परिभाषा
- (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कोई विधेयक धन विधेयक समझा जाएगा यदि उसमें केवल सभी या किन्हीं विषयों से संबंधित उपबंध हैं, अथार्त ्:— निम्नलिखित अर्थात्:--
- (क) किसी. कर का अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, या विनियमन; परिवर्तन (ख) भारत सरकार द्वारा धन उधार लेने का या कोई प्रत्याभूति देने ने का विनियमन अथवा भारत सरकार दूवारा अपने ऊपर ली गई या ली जाने वाली किन्हीं बाध्यताओं से संबंधित विधि का संशोधन; वित्तीय (ग) भारत की संचित निधि या आकस्मिकता निधि की ऐसी किसी निधि में धन जमा करना या उसमें से धन निकालना; अभिरक्षा,
- (घ) भारत की संचित निधि में से धन का विनियोग
- (ड) किसी व्यय को भारत की संचित निधि पर भारित व्यय घोषित करना या ऐसे किसी व्यय की रकम को बढ़ाना; भारत का संविधान ञ (च) भारत की संचित निधि या भारत के लोक लेखे मदूधे धन प्राप्त अभिरक्षा करना अथवा ऐसे धन की या उसका निर्गमन अथवा संघ या राज्य के संपरीक्षा; लेखाओं की या विनिर्दिष्ट (छ) उपखंड (क) से उपखंड (च) में किसी विषय का आनुष॑गिक कोई विषय । ।
- (2) कोई विधेयक केवल इस कारण धन विधेयक नहीं समझा जाएगा कि वह जुर्मानों शास्तियों अनुज्ञप्तियों या अन्य धनीय के अधिरोपण का अथवा के लिए फीसों की या की गई सेवाओं के लिए फीसों की मांग का या उनके संदाय का उपबंध करता है अथवा इस कारण धन विधेयक नहीं समझा जाएगा कि वह किसी स्थानीय प्राधिकारी या निकाय दूवारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्तन या विनियमन का उपबंध करता है । यदि (3) यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं तो उस पर लोक सभा के अध्यक्ष का विनिश्चय अंतिम होगा ।
- (4) जब धन विधेयक अनुच्छेद द 109 के अधीन राज्य सभा को पारे पारेषित किया जाता है और जब वह अनुच्छेद द 111 के अधीन अनुमति के लिए राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है तब प्रत्येक धन विधेयक पर लोक सभा के के अध्यक्ष हस्ताक्षर सहित यह प्रमाण जाएगा कि वह धन विधेयक है । पृष्ठांकित किया
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद धन विधेयक की परिभाषा देता है। विधेयक धन विधेयक है, यदि वह केवल कर, उधार या संचित निधि की संरक्षा से संबंधित हो। इसमें अधिरोपित व्यय और लेखों की प्राप्ति व लेखा परीक्षा भी आते हैं। जुर्माने और लाइसेंस फीस किसी विधेयक को धन विधेयक नहीं बनाते। प्रश्न उठने पर अध्यक्ष का निर्णय अंतिम है। हर धन विधेयक पर अध्यक्ष का प्रमाणपत्र होता है।