भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 94 और का पद रिक्त होना, पद त्याग और पद से हटाया
- जाना— लोक सभा के या के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य— अध्यक्ष उपाध्यक्ष (क) यदि लोक सभा का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पद रिक्त कर अध्यक्ष उपाध्यक्ष देगा; गा
- (ख) किसी भी समय, यदि वह सदस्य है तो को संबोधित और यदि वह सदस्य है तो को संबोधित अपने सहित लेख दूवारा अपना पद त्याग सकेगा; और
- (ग) लोक सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प अध्यक्ष उपाध्यक्ष दूवारा अपने पद से हटाया जा सकेगा: उपाध्यक्ष अध्यक्ष परन्तु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित नहीं किया हस्ताक्षर जाएगा जब तक कि उस संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो: परन्तु यह और कि जब कभी लोक सभा का विघटन किया जाता है तो विघटन के पश्चात ् होने वाले लोक सभा के प्रथम अधिवेशन के ठीक पहले तक अपने पद को रिक्त नहीं करे गा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद लोक सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से जुड़ा है। सदस्यता छोड़ने पर दोनों पद खाली हो जाते हैं। अध्यक्ष उपाध्यक्ष के नाम लिखकर इस्तीफा देता है। उपाध्यक्ष अध्यक्ष के नाम। चौदह दिन की सूचना के बाद सभा के प्रस्ताव से, सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से, किसी को हटाया जा सकता है।