भाग 5 · संघ

अनुच्छेद 80 राज्य सभा की संरचना— (1) 1[ 2*** राज्य सभा]—

  1. (क) राष्ट्रपति दूवारा खंड (3) के उपबंधों के अनुसार जाने वाले बारह सदस्यों; और
  2. (ख) राज्यों के 3 नामनिर्देशित किए और संघ के दो सौ अड़तीस से अनधिक राज्यक्षेत्रों से मिलकर बनेगी । प्रतिनिधियों,
  3. (2) राज्य सभा में राज्यों के और और संघ के द्वारा भरे जाने वाले स्थानों का आबंटन चौथी अनुसूची में इस उपबंधों के राज्यक्षेत्रों प्रतिनिधियों अनुसार होगा । निमित्त अंतर्विष्ट (3) द्वारा खंड (1) के उपखंड (क) के अधीन जाने वाले सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे विषयों के संबंध में विशेष या व्यावहारिक अनुभव व है, अथार्त ्:— राष्ट्रपति दूवारा नामनिर्देशित किए कला और समाज सेवा भ. जिन्हें निम्नलिखित ज्ञान अर्थात्:-- साहित्य, विज्ञान, प्रतिस्थापित । संविधान (पैंतीसवां उपबंधों के अधीन रहते हुए” शब्दों का लोप किया. गया । संविधान (छत्तीसवां संविधान (4) राज्य सभा में प्रत्येक 1*** राज्य के प्रतिनिधियों का निर्वाचन उस राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों दवारा आनपातिक आनप प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार अनस एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाएगा ।
  4. (5) राज्य सभा में थूसंघ राज्यक्षेत्रों) के प्रतिनिधि ऐसी रीति से चने जाएंगे जो संसद् विधि दूवारा विहित करे ।

इसका अर्थ

ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।

यह अनुच्छेद राज्य सभा की संरचना तय करता है। इसमें राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के अधिकतम दो सौ अड़तीस प्रतिनिधि होते हैं। राष्ट्रपति साहित्य, विज्ञान, कला या समाज सेवा की विशेष जानकारी वाले बारह सदस्य भी मनोनीत करते हैं। राज्यों की सीटों का बंटवारा चौथी अनुसूची से होता है। राज्यों के प्रतिनिधि विधान सभा के निर्वाचित सदस्य समानुपातिक प्रतिनिधित्व से चुनते हैं।

Article 80 in English