भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 111 पर अनुमति
- जब कोई विधेयक संसद् के सदनों द्वारा पारित कर दिया गया है तब वह राष्ट्रपति के प्रस्तुत किया जाएगा और राष्ट्रपति घोषित विधेयकों करेगा कि वह विधेयक पर अनमति देता ता है या अनुमति रोक लेता है: समक्ष परन्त राष्ट्रपति अनमति के लिए अपने विधेयक प्रस्तत किए जाने के पश्चात ् यथाशीघ्र उस विधेयक को, यदि वह धन विधेयक नहीं है तो, सदनों को इस संदेश के साथ लौटा सकेगा कि वे विधेयक पर या उसके किन्हीं उपबंधों पर समक्ष पुनर्विचार करें और विशिष्टतया किन्हीं ऐसे संशोधनों के पुरःस्थापन की वांछनीयता पर विचार करें उसने अपने संदेश में सिफारिश की है और जब विधेयक इस प्रकार विनिर्दिष्ट लौटा दिया जाता है तब सदन विधेयक पर तदनुसार पुनर्विचार गे और यदि विधेयक सदनों द्वारा संशोधन सहित या उसके बिना फिर से पारित कर दिया जाता है और जिनकी राष्ट्रपति के अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाता है तो राष्ट्रपति उस पर अनुमति करेंगे नहीं रोकेगा । के संबंध में प्रक्रिया समक्ष
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति की अनुमति से जुड़ा है। दोनों सदनों के पारित करने पर विधेयक राष्ट्रपति के सामने आता है। राष्ट्रपति अनुमति देता है या रोक रखता है। धन विधेयक को छोड़कर किसी विधेयक को वह एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है। संसद उसे फिर पारित करे, बदल कर या जस का तस, तो राष्ट्रपति को अनुमति देनी होगी। धन विधेयक के लिए लौटाने का रास्ता नहीं है।