भाग 5 · संघ
अनुच्छेद 87 का विशेष अभिभाषण
- (1) लोक सभा के लिए प्रत्येक साधारण के पश्चात ् प्रथम सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के राष्ट्रपति राष्ट्रपति, शुल्लोक आरंभ में एक साथ समवेत संसद् के दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा गा और संसद् को निर्वाचन उसके आहवान के कारण बताएगा ।
- (2) प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों द्वारा ऐसे अभिभाषण में विषयों की चचार् के लिए समय नियत करने के लिए 3*** उपबंध किया जाएगा ।
इसका अर्थ
ऊपर लिखे अनुच्छेद का सार। यह कानूनी सलाह नहीं है।
यह अनुच्छेद विशेष अभिभाषण का उपबंध रखता है। राष्ट्रपति दो अवसरों पर संयुक्त रूप से बैठे दोनों सदनों को संबोधित करता है। एक, लोक सभा के हर आम चुनाव के बाद पहले सत्र में। दूसरा, हर वर्ष के पहले सत्र में। अभिभाषण संसद को बुलाए जाने के कारण बताता है। कार्यवाही के नियम इस पर चर्चा का समय रखते हैं।